झारखंड की प्रमुख नदियाँ
Complete Geography Notes
झारखंड की सभी प्रमुख नदियों के सम्पूर्ण एवं यूनिक नोट्स। यह नोट्स JSSC, Jharkhand CGL, JPSC, JTET एवं अन्य झारखंड प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
झारखंड की नदियों का परिचय
झारखंड की अधिकांश नदियाँ छोटानागपुर पठार से निकलती हैं। ये नदियाँ सिंचाई, जलविद्युत, कृषि एवं उद्योगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। राज्य की प्रमुख नदी प्रणालियों में दामोदर, स्वर्णरेखा, सोन एवं ब्राह्मणी प्रमुख हैं।
✔ झारखंड की अधिकांश नदियाँ वर्षा आधारित हैं।
✔ दामोदर नदी को “झारखंड का शोक” कहा जाता है।
✔ स्वर्णरेखा नदी बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
✔ दामोदर नदी को “झारखंड का शोक” कहा जाता है।
✔ स्वर्णरेखा नदी बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
सोन नदी
- सोन नदी गंगा की प्रमुख दक्षिणी सहायक नदी है।
- इसका उद्गम अमरकंटक पहाड़ी (मध्य प्रदेश) से होता है।
- यह झारखंड के उत्तर-पश्चिम भाग को प्रभावित करती है।
- उत्तर कोयल नदी इसकी प्रमुख सहायक नदी है।
- यह अंततः गंगा नदी में मिल जाती है।
✔ सोन नदी भारत की प्रमुख प्रायद्वीपीय नदियों में से एक है।
उत्तरी कोयल नदी
- उत्तरी कोयल नदी छोटानागपुर पठार से निकलती है।
- यह पलामू क्षेत्र में बहती है।
- यह सोन नदी की प्रमुख सहायक नदी है।
- इस नदी पर मंडल डैम परियोजना स्थित है।
- अमानत और औरंगा नदी इसकी प्रमुख सहायक नदी है।
दक्षिणी कोयल नदी
- दक्षिणी कोयल नदी राँची पठार(नगड़ी,रांची) से निकलती है।
- यह शंख नदी से मिलकर( उड़ीसा राज्य में) ब्राह्मणी नदी बनाती है।
- यह झारखंड एवं ओडिशा के लिए महत्वपूर्ण नदी है।
पुनपुन नदी
- पुनपुन नदी बिहार एवं झारखंड में बहती है। इस नदी को किकट और बमागधी के नाम से भी जानी जाती हैं।
- यह गंगा नदी की सहायक नदी है।
- इसका उद्गम छोटानागपुर पठार(पलामू) से होता है। दारधा और मोरहर, इसकी प्रमुख सहायक नदियां हैं।
फल्गु नदी
- फल्गु नदी(उद्गम स्थल –छोटानागपुर पठार का उतरी भाग में) गया क्षेत्र में प्रसिद्ध है।
- यह मोक्षदायिनी नदी मानी जाती है।
- पिंडदान हेतु इसका धार्मिक महत्व है।निरंजना और मोहना, इसकी प्रमुख सहायक नदियां हैं।इस नदी को अंत:सलिला के नाम से भी जाना जाता है।
- यह पुनपुन नदी प्रणाली से जुड़ी मानी जाती है।
सकरी नदी
- सकरी नदी झारखंड एवं बिहार क्षेत्र में बहती है। किऊल और मोरहर, इसकी सहायक नदियां हैं और इनको सुमागधी के उपनाम से जाना जाता है।
- यह कृषि के लिए उपयोगी नदी है।
- वर्षा ऋतु में इसका जलस्तर बढ़ जाता है।सकरी नदी, अपनी मार्ग बदलने हेतु कुख्यात रूप में प्रसिद्ध है।
चानन नदी
- चानन नदी दक्षिण बिहार एवं झारखंड क्षेत्र में बहती है।
- यह कृषि एवं सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण और इनको पंचानन के नाम से भी जानी जाने वाली नदी है।
दामोदर नदी
- दामोदर नदी झारखंड की सबसे महत्वपूर्ण नदी मानी जाती है। इसकी उद्गम स्थल,छोटानागपुर पठार पर स्थित चूल्हा पानी/खमरपत पहाड़ी है।
- इसे “झारखंड का शोक/बंगाल का शोक/देवनदी” कहा जाता है। और ये नदी, झारखंड की सबसे लंबी और सबसे बड़ी नदी है।
- दामोदर घाटी निगम (DVC) इसी नदी पर आधारित है।
- मुख्य सहायक नदियाँ – बराकर, कोनार एवं बोकारो।
- यह हुगली नदी में मिलती है।
✔ दामोदर घाटी परियोजना(7 जुलाई,1948 को स्थापित) भारत की पहली बहुउद्देश्यीय नदी घाटी परियोजना है।जो इसी दामोदर नदी पर स्थित है ।
स्वर्णरेखा नदी
- इसका उद्गम राँची के नगड़ी क्षेत्र से होता है।इसी नदी पर हुंडरू जलप्रपात(320फीट/98मीटर की ऊंचाई)स्थित है।
- यह झारखंड, ओडिशा एवं पश्चिम बंगाल से होकर बहती है।
- यह बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
- खरखई नदी,जुमार और रारू नदी इसकी प्रमुख सहायक नदी है।
- जमशेदपुर शहर स्वर्णरेखा और खरखई नदी के संगम के किनारे स्थित है।
बराकर नदी
- बराकर नदी दामोदर नदी की प्रमुख सहायक नदी है।
- मैथन बाँध एवं तिलैया बाँध इसी नदी पर स्थित हैं।
- यह झारखंड एवं पश्चिम बंगाल की सीमा बनाती है।
मयूराक्षी नदी
- इसका उद्गम देवघर के त्रिकूट पहाड़ी से होता है। और यह एकमात्र ऐसी नदी है जिसपर नौकागम्य होती है।
- मसानजोर बाँध/कनाडा बांध इसी नदी पर स्थित है।
- यह भागीरथी नदी में मिलती है।
ब्रह्माणी नदी
- यह नदी दुमका के दुधवा पहाड़ी से निकलती है।ब्रह्माणी नदी शंख एवं दक्षिणी कोयल नदी के संगम से बनती है।
- यह ओडिशा की प्रमुख नदियों में से एक है।
- यह बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
शंख नदी
- शंख नदी छोटानागपुर पठार(चैनपुर,गुमला) से निकलती है।
- यह दक्षिणी कोयल नदी से मिलकर ब्राह्मणी नदी बनाती है।
- यह पश्चिमी सिंहभूम क्षेत्र में महत्वपूर्ण नदी है।
अजय नदी
- अजय नदी झारखंड एवं पश्चिम बंगाल में बहती है।
- यह भागीरथी नदी में मिलती है।
- यह संथाल परगना क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण नदी है।
अमानत नदी
- अमानत नदी(उद्गम स्थल –हजारीबाग पठार, चतरा जिला), उत्तरी कोयल नदी की प्रमुख सहायक नदी है।
- यह पलामू क्षेत्र में बहती है।
- यह कृषि के लिए महत्वपूर्ण नदी मानी जाती है।
खरखई नदी
- खरखई नदी स्वर्णरेखा नदी की सहायक नदी है।
- यह जमशेदपुर क्षेत्र में महत्वपूर्ण नदी है।
- औद्योगिक गतिविधियों के कारण इसका आर्थिक महत्व अधिक है।
उसरी नदी
- उसरी नदी गिरिडीह क्षेत्र में बहती है।
- उसरी जलप्रपात इसी नदी पर स्थित है।
- यह पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण नदी है।
प्रतियोगी परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य
✔ दामोदर नदी को “झारखंड का शोक/बंगाल का शोक” कहा जाता है।
✔ स्वर्णरेखा नदी, एकमात्र ऐसी नदी है जो स्वतंत्र रूप से बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
✔ जमशेदपुर शहर स्वर्णरेखा एवं खरखई नदी के संगम पर स्थित है।
✔ मसानजोर बाँध मयूराक्षी नदी पर स्थित है।
✔ मैथन बाँध बराकर नदी पर स्थित है।
✔ ब्राह्मणी नदी शंख एवं दक्षिणी कोयल नदी से मिलकर बनती है।

